रायगढ़ में बड़ा वित्तीय घोटाला: फर्जी वाउचर से कंपनी को 32 लाख का नुकसान, आठ कर्मचारी संदिग्ध

रायगढ़ में श्रीराम ट्रांसपोर्ट के कर्मचारियों ने फर्जी वाउचर बनाकर करीब 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। एक ही नंबर के डुप्लीकेट वाउचर के जरिए रकम निकाली गई। पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में श्रीराम ट्रांसपोर्ट के कर्मचारियों द्वारा फर्जी वाउचर बनाकर छल-कपट और जालसाजी करते हुए कंपनी को लाखों रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। ट्रांसपोर्टर की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार, श्रीराम ट्रांसपोर्ट के संचालक कमल किशोर शाह ने सिटी कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि वह अपने मित्र गणपति चौधरी के साथ ट्रांसपोर्ट व्यवसाय का संचालन करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके यहां प्रकाश मिश्रा और दीपक शर्मा ट्रांसपोर्ट में चलने वाली गाड़ियों के बिल वाउचर तैयार कर भुगतान के लिए प्रस्तुत करते थे।

26 फरवरी को ट्रांसपोर्टरों का भुगतान करते समय एक ही नंबर के दो-तीन वाउचर मिलने पर दीपक शर्मा से पूछताछ की गई। इस पर उसने बताया कि वह प्रकाश मिश्रा के साथ सितंबर माह से एक ही नंबर के कई वाउचर तैयार कर भुगतान करवा रहा था। इसके बाद सितंबर 2025 से अब तक के वाउचरों का मिलान किया गया, जिसमें सामने आया कि संदीप बंसल, जासमिन बंजारा, नेहा चौहान, सूर्यकांत अग्रवाल, कमल बसोड़ और प्रियंका गुप्ता के नाम पर डुप्लीकेट वाउचर तैयार कर भुगतान कराया गया, जबकि इनका गाड़ियों से कोई संबंध नहीं था।

इस तरह श्रीराम ट्रांसपोर्ट को करीब 32 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। पीड़ित ने यह भी बताया कि उक्त सभी लोग प्रकाश मिश्रा और दीपक शर्मा के सहयोगी के रूप में काम कर रहे थे और उनके खातों में रकम ट्रांसफर की गई। 

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